वैश्विक अराजकता के सामने – कौन आपकी ज़िंदगी की रक्षा करता है?
वैश्विक अराजकता के सामने – कौन आपकी ज़िंदगी की रक्षा करता है? 1. एक दुनिया जो अभूतपूर्व उथल-पुथल में प्रवेश कर रही है आज पृथ्वी पहले से कहीं ज़्यादा हिल रही है। दुनिया-भर में संकेत स्पष्ट हैं: आर्थिक झटके : विशाल कर्ज़, अस्थिर वित्तीय बाज़ार, डगमगाती मुद्राएँ। किसी एक बड़े बैंक का पतन पूरी दुनिया में श्रृंखलाबद्ध संकट पैदा कर सकता है। भूराजनीतिक संघर्ष : फैलते युद्ध, परमाणु खतरे, आवश्यक समुद्री मार्गों का अवरोध। अंतरराष्ट्रीय गठबंधन रातों-रात बदल जाते हैं। जलवायु आपदाएँ : चरम गर्मी की लहरें, विशालकाय आग, अभूतपूर्व बाढ़, विनाशकारी भूकंप। तकनीकी खतरे : बड़े पैमाने पर साइबर हमले, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से छेड़छाड़, झूठी सूचनाएँ जो समाजों को अस्थिर कर देती हैं। जहाँ-जहाँ मनुष्य ने सुरक्षा के लिए नींव डाली थी, वे सब ढह रही हैं। सरकारें आपस में टकरा रही हैं, परिवार टूट रहे हैं, और भय दिलों को घेर रहा है। अब प्रश्न क्या होगा नहीं, बल्कि कब और कैसे होगा है। 2. यीशु मसीह ने पहले ही इसकी चेतावनी दी थी ये संकट प्रभु को चौंकाते नहीं हैं। वैश्वीकरण, तकनीकी नेटवर्क और वित्ती...